SIP का हिसाब कैसे देखें
तीन चीजें डालिए: हर महीने कितने की SIP करेंगे, सालाना कितना रिटर्न मानकर चल रहे हैं और कितने साल तक पैसा लगाए रखेंगे। स्लाइडर खिसकाते ही नीचे का हिसाब बदल जाता है। अगर प्लान है कि हर इंक्रीमेंट के साथ SIP भी बढ़ाएंगे, तो स्टेप-अप वाला बॉक्स भी भर दीजिए।
मान लीजिए आप 10 साल तक हर महीने ₹5,000 की SIP करते हैं और 12% रिटर्न मिलता है। आखिर में करीब ₹11.62 लाख बनेंगे। इसमें ₹6 लाख आपके अपने डाले हुए हैं, बाकी ₹5.62 लाख कमाई है। अब यही SIP हर साल 10% बढ़ाते जाएं, तो फंड करीब ₹16.87 लाख तक पहुंच जाता है।
SIP का रिटर्न निकलता कैसे है
हर किस्त महीने की शुरुआत में लगती है और फिर आखिर तक उस पर हर महीने कंपाउंडिंग होती रहती है। स्टेप-अप न हो तो पूरा हिसाब इस फॉर्मूले से निकलता है:
FV = P × [((1 + i)n − 1) ÷ i] × (1 + i)
- P = हर महीने की SIP रकम
- i = महीने की दर, यानी सालाना रिटर्न ÷ 12 ÷ 100
- n = कुल कितने महीने
स्टेप-अप डालने पर कैलकुलेटर महीने-दर-महीने हिसाब लगाता है और हर 12 महीने बाद किस्त एक बार बढ़ा देता है।
कितना रिटर्न मानना ठीक रहेगा
लंबे समय में लार्ज-कैप और इंडेक्स फंड ने सालाना करीब 10–12% रिटर्न दिया है। मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड ने इससे ज्यादा दिया, लेकिन इनमें गिरावट भी कहीं ज्यादा तेज आती है। डेट फंड 6–7.5% के आसपास रहे हैं।
रिटर्न हर साल अलग होता है और इसकी कोई गारंटी नहीं है। इसलिए प्लान थोड़ा कम रिटर्न मानकर बनाइए। ज्यादा मिल गया तो उसे बोनस समझिए।
SIP से ज्यादा फायदा कैसे लें
- जल्दी शुरू कीजिए। SIP की रकम ज्यादा रखने से उतना फर्क नहीं पड़ता, जितना 10 साल पहले शुरू करने से पड़ता है।
- हर साल स्टेप-अप कीजिए, भले 5–10% ही सही।
- मार्केट गिरे तो SIP बंद मत कीजिए। सस्ते भाव पर उसी पैसे में ज्यादा यूनिट मिलती हैं।
- डायरेक्ट प्लान लीजिए। इससे हर साल 0.5–1.5% कमीशन बचता है।
लोग अक्सर पूछते हैं
SIP कैलकुलेटर हिसाब कैसे लगाता है?
ये मानकर चलता है कि आप हर महीने की शुरुआत में एक ही रकम लगाते हैं और फंड हर साल एक जैसा रिटर्न देता है, जो हर महीने कंपाउंड होता है। फिर हर किस्त और उस पर हुई बढ़त जोड़कर बताता है कि आखिर में कुल कितना बनेगा।
SIP रिटर्न का फॉर्मूला क्या है?
फ्यूचर वैल्यू = P × [((1 + i)^n − 1) ÷ i] × (1 + i)। यहां P हर महीने की SIP है, i = सालाना रिटर्न ÷ 12 ÷ 100 और n = कुल महीने। स्टेप-अप चुनने पर किस्त साल में एक बार बढ़ती है और हिसाब महीने-दर-महीने चलता है।
1 करोड़ के लिए कितनी SIP करनी होगी?
12% सालाना रिटर्न मानें तो 20 साल तक हर महीने करीब ₹10,000 की SIP लगभग ₹1 करोड़ बना देती है। यही टारगेट 15 साल में चाहिए तो हर महीने करीब ₹20,000 लगेंगे, और 25 साल में करीब ₹5,300।
क्या SIP में रिटर्न की गारंटी है?
नहीं। म्यूचुअल फंड का रिटर्न बाजार पर टिका है। कैलकुलेटर एक तय दर मानकर नतीजा दिखाता है, असल में रिटर्न हर साल ऊपर-नीचे होता रहता है।
स्टेप-अप SIP क्या होती है?
स्टेप-अप (या टॉप-अप) SIP में आपकी महीने की रकम हर साल एक तय % से बढ़ती है। जैसे ₹5,000 की SIP हर साल 10% बढ़ाएं, तो 20 साल बाद आखिरी रकम एक जैसी (फ्लैट) SIP के मुकाबले करीब दोगुनी हो सकती है।
SIP के मुनाफे पर टैक्स कितना लगता है?
इक्विटी फंड की यूनिट 12 महीने से ज्यादा रखीं तो मुनाफा लॉन्ग-टर्म माना जाता है, और साल में ₹1.25 लाख से ऊपर के ऐसे मुनाफे पर 12.5% टैक्स लगता है। 12 महीने के अंदर बेचीं तो 20% टैक्स। ध्यान रहे, हर SIP किस्त की होल्डिंग अलग से गिनी जाती है।
आखिरी बार चेक किया: 13-10-2026। दरें और नियम ऑफिशियल सोर्स से मिलाए जाते हैं। कुछ बदल गया हो तो हमें बताएं। संपर्क